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तलाश ।


 एक मनुष्य को संसार से वैराग्य हुआ, उसने कहा-'' यह जगत मिथ्या है माया है, अब मैं इसका परित्याग करके सच्ची शांति की तलाश करूंगा " आधी रात बीती  और वैराग्य लेने वाले ने कहा - ''अब वह घड़ी आ गई  मुझे परमात्मा की खोज के लिए निकलना पड़ेगा"




     एक बार पासु में लेटी हुई पत्नी और दूध मुहे बच्चे की ओर सिर उठाकर देखा उसने।   बड़ी सौम्या आकृतिया  थी  दोनों।  वैरागी का मन पिघल उठा।  उसने कहा -कौन हो तुम जो मुझे माया में बांधते हो।  " भगवान ने धीमे से कहा- मैं तुम्हारा भगवान!  लेकिन मनुष्य ने उनकी आवाज नहीं सुनी उसने फिर कहा- कौन है यह जिनके लिए मैं आत्म सुख आत्मा शांति खोँऊ ?  ''

 एक और धीमी आवाज आई। '' बावरे, यही भगवान है इन्हें छोड़ कर तू  नकली भगवान की खोज में मत भाग। "  बच्चा एकाएक चीखकर रो पड़ा कोई सपना देखा था उसने।  मां ने बच्चे को छाती से लगाकर कहा मेरे जीवन आ,मेरी  छाती में जो ममत्व  है वहां तुझे शांति देगा बच्चा मां से लिपट कर सो गया और आदमी अनसुना करके चल दिया।  भगवान ने कहा- कि '' केसा  मूर्ख है यह,मेरा सेवक, मुझे तजकर  मेरी तलाश में भटकने जा रहा है 


धन्यवाद ❤❤❤

जय हिन्द  जय भारत।  



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