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भगवान सब को देखता हे।

 



    एक बार एक भला आदमी बेकारी से दुखी था।  उसकी यह दशा देखकर एक चोर को सहानुभूति उपजी।  उसने कहा - ''मेरे साथ चला करो चोरी में बहुत धन मिला करेगा।  ''वह बेकार आदमी तैयार हो गया पर उसे चोरी आती ना कि उसने कहां मुझे चोरी आती तो है नहीं करूंगा कैसे ? " चोर ने कहा - इसकी चिंता ना करो मैं सब सिखा दूंगा। दोनों एक किसान का पक्का हुआ खेत काटने गए।  वह खेत गांव से कुछ दूर जंगल में था। वैसे तो रात में उधर कोई रखवाली  नहीं थी तो भी। चोर ने उस नए साथी को खेत की मेड पर खड़ा कर दिया कि वह निगरानी करता रहे कि कोई देखता तो नहीं है।  वह खुद खेत काटने लग गया। 

         नए चोर ने थोड़ी ही देर में आवाज लगाई भाई जल्दी उठो यहां से भाग चलो खेत का मालिक पास ही खड़ा देख रहा है ,मैं तो भागता हूं चोर कर उठ खड़ा हुआ और भागने लगा।  कुछ दूर जाकर दोनों खड़े हुए तो चोर ने साथी से पूछा मालिक कहां था कैसे देख रहा था ?उसने कहा ईश्वर सबका मालिक है इस संसार में जो कुछ है उसी का है वह हर जगह मौजूद है और सब कुछ दिखता है मेरी आत्मा ने कहा कि ईश्वर यहां भी मौजूद है और हमारी चोरी को देख रहा है ऐसी दशा में हमारा भागना ही उचित था।  पहले चोर पर इसका कुछ ऐसा प्रभाव पड़ा कि उसने हमेशा के लिए चोरी छोड़ दी।

    इस लेख से हमें यंहा शिक्षा मिलती हे की  हमें उस ऊपर वाले से  तो थोड़ा भय रखना चाइये की वो  हमारे कर्म देख रहा हे। व हमेशा अच्छे कर्म करने चाइये क्योंकि ऊपर वाला सब देखता हे। 


धन्यवाद ❤❤❤

 जय हिन्द   जय भारत 

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